14 फ़र॰ 2009

साढ़े चार सौ मास्टरों की स्कूलों में तैनाती का खाका तैयार

 

बीटीसी 2001 व विशिष्ट बीटीसी 2007 के साढ़े चार सौ अभ्यर्थियों की स्कूलों में तैनाती का खाका तैयार कर लिया गया है। जिलाधिकारी से अनुमति मिलने के साथ ही सोमवार को अभ्यर्थियों को बतौर शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के लिये भेज दिया जायेगा। न्यूनतम मेरिट पर आरक्षण क्रम पर विद्यालयों का जो आवंटन किया गया उसमें मानक से कम शिक्षक वाले छ: ब्लाक संतृप्त किये गये हैं। बताते हैं कि पचास बंद स्कूलों में दो-दो शिक्षक व तीन सौ एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में दोहरे शिक्षकों की व्यवस्था की गयी है।

छात्र, शिक्षक अनुपात में फिसड्डी ब्लाकों को पहले चरण में लिया गया है। यूं तो जिले के नौ विकास खण्ड पिछड़े माने गये हैं, लेकिन छ: ऐसे ब्लाक हैं जहां छात्र और शिक्षक का मानक बहुत गिरा हुआ है। बीटीसी 2001 के बयासी व विशिष्ट बीटीसी 2007 के लगभग साढ़े तीन सौ अभ्यर्थियों को यूं तो दस फरवरी तक नियुक्ति पत्र देने के निर्देश थे, लेकिन आरक्षण क्रम व न्यूनतम मेरिट पर विद्यालय आवंटन के साथ दस्तावेजों की जांच में विलम्ब हो गया है। विभाग हर हाल में सोमवार तक नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों के हाथ में ही देने की तैयारी कर ली है। बताते हैं कि तैनाती का खाका बनकर तैयार हो गया है। जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के साथ ही नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों के हाथ में होगा। इधर नियुक्ति पत्र लेने के लिये अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं। इलाहाबाद, कानपुर, रायबरेली सहित अन्य कई जनपदों के ही बहुतायक अभ्यर्थी हैं ऐसे में वह ऐसे विद्यालय पर ही जाने की फिराक में हैं जहां से उन्हें महानगरों में जाने का साधन उपलब्ध हो जाये।

बेसिक शिक्षा विभाग ने तैनाती में अधिनियम का ही मानक अख्तियार किया है। विकलांगों को छोड़कर किसी को भी स्कूल आवंटन में वरीयता नहीं दी गयी है। पिछड़े नौ ब्लाकों में इस बार की तैनाती में केवल छ: ऐसे ब्लाक लिये गये हैं जहां छात्र और शिक्षक का मानक बहुत गिरा हुआ है। विकास खण्ड हंसवा, धाता, असोथर, हथगाम, ऐरायां व विजयीपुर में शिक्षकों की तैनाती की गयी है। इन विकास खण्डों के पचास बंद विद्यालयों में दो-दो शिक्षक तैनात किये गये हैं। इसके अलावा लगभग तीन सौ ऐसे स्कूलों में एक-एक शिक्षक तैनात किये गये हैं जो अभी तक एक शिक्षक के ही भरोसे चल रहे थे। दो-दो शिक्षा मित्रों के साथ विद्यालयों में अब चार-चार शिक्षकों की व्यवस्था हो जायेगी। विकास खण्ड खजुहा, अमौली, देवमई में भी शिक्षकों की भारी कमी के बाद भी यहां अभी तैनाती न होने से दो दर्जन से अधिक विद्यालयों में ताला लटक रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी आरके पंडित ने कहा कि स्कूलों में तैनाती का खाका बनकर तैयार हो गया है। नई नियमावली के अनुसार ही न्यूनतम मेरिट पर पहले बंद फिर एकल विद्यालयों में तैनाती की गयी है। उन्होंने कहा कि सोमवार को सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र हर हाल में दे दिया जायेगा।

1 टिप्पणी:
Write टिप्पणियाँ
  1. आशा है , इतने शिक्षकों की नियुक्ति के बाद सरकारी विद्यालयों में पढाई का अच्‍छा वातावरण तैयार होगा।

    जवाब देंहटाएं